Thursday, 15 March 2018

अयोध्या मामला, बकवास कर रहे श्री श्री रविशंकर

संतकबीरनगर| पुनः संशोधित गुरुवार, 15 मार्च 2018 (14:35 IST)
संतकबीरनगर। अयोध्या मसले का समाधान आपसी बातचीत के जरिये निकालने के लिए प्रयासरत आध्यात्मिक गुरु की बयानबाजी को बेतुका करार देते हुए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की निगाह में अच्छा बनने की चाहत ने श्री श्री को ऊल-जुलूल बयान देने के लिए मजबूर किया है।

भारत को सीरिया बनाने संबंधी श्री श्री के बयान पर ज्ञानदास ने कहा कि आध्यात्मिक गुरु कोई साधु-संत नही हैं वह सिर्फ बकवास करते हैं औऱ सरकार के इशारे पर बोलते हैं। श्री श्री प्रधानमंत्री की निगाह में अच्छा बनना चाहते हैं। यह उनका आडंबर है। अयोध्या में मिलने आए थे मगर संतों ने उनको नकार दिया। हमने कहा कि जब मामला न्यायालय में चला गया है तो श्री श्री का कोई मतलब नहीं है।

उन्होने कहा कि केंद्र और प्रदेश में दोनों जगह भाजपा की सरकार है। अब मंदिर निर्माण में क्या दिक्कत है। उन्होंने कहा कि रविशंकर समझौते के नाम पर लोगों को मूर्ख बना रहे हैं। महंत ने कहा कि तीन हिस्से में बांटने के लिए 2010 में अदालत का एक निर्णय आया था जिस पर हम लोगों ने पहल की जिससे यह लग रहा था कि राम मंदिर बन जाएगा जिसमें सब कुछ हो गया था लेकिन अशोक सिंघल, विनय कटियार और राम विलास वेदांती इसमें बाधक बन गए। अब जो कुछ भी होगा न्यायालय से होगा।

धर्मगुरु ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनना ही चाहिए लेकिन ऐसा मंदिर नहीं बनना चाहिए जो खून की धारा से बना हो। ऐसा मंदिर बने जो दूध की धार से बना हो। इसे नेताओं ने उलझा रखा है। राम मंदिर के मुद्दे को जब तक राजनीति से अलग नहीं किया जाएगा तब तक राम मंदिर नहीं बनेगा और न ही तब तक देश का विकास नहीं हो सकता। (वार्ता)
http://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/ayodhya-sri-sri-118031500055_1.html

Tuesday, 6 March 2018

अयोध्या मुस्लिमों का धार्मिक स्थल नहीं – श्री श्री रविशंकर


ऑर्ट ऑफ लिव्हिंग के आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने अयोध्या मुद्दे पर एक महमत्त्वपूर्ण बयान दिया है ! उन्होने कहां है कि, अयोध्या विवाद का जल्द हल नहीं निकला तो भारत भी सीरिया बन जाएगा !
एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में श्री श्री रविशंकर ने कहा कि, अयोध्या मुस्लिमों का धार्मिक स्थल नहीं है । उन्हें इस पर से अपना दावा छोड़ कर एक मिसाल पेश करनी चाहिए । वैसे भी इस्लाम विवादित जमीन पर इबादत करने की इजाजत नहीं देता !

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न्यायालय के बाहर अयोध्या विवाद को सुलझाने की कोशिशों में जुटे श्रीश्री ने यह आशंका जताई है कि इस संबंध यदि सुप्रीम न्यायालय का फैसला भी आ गया तो भी कोई उस पर राजी नहीं होगा । साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग उनके प्रयास की आलोचना कर रहे हैं क्योंकि वो विवाद को बढ़ाना चाहते हैं ।
उन्होंने कहा अगर फैसला न्यायालय से होगा तो किसी एक पक्ष को हार स्वीकार करनी पड़ेगी । ऐसे हालात में हारा हुआ पक्ष अभी तो मान जाएगा, लेकिन कुछ समय बाद फिर बवाल शुरू होगा, जो देश और समाज के लिए अच्छा नहीं होगा !