Sunday, 13 June 2021

अयोध्या को बनाएँगे धार्मिक, वैदिक और सोलर शहर- प्राचीन विरासत के साथ आधुनिकता का संगम: CM योगी

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह घोषणा की है कि राज्य सरकार अयोध्या को एक धार्मिक, वैदिक और सोलर सिटी के रूप में विकसित करेगी। ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व रखने वाली अयोध्या एक वैश्विक पर्यटन स्थल बनने के साथ एक समावेशी शहर के रूप में विकसित होगी।

शनिवार (12 जून) को मुख्यमंत्री निवास में अयोध्या के लिए विजन डॉक्यूमेंट के प्रेजेंटेशन के दौरान यह निर्णय लिया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में जल स्रोतों के संरक्षण, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, पशु संरक्षण, आउटर रिंग रोड का निर्माण, सोलर प्रोजेक्ट, वृक्षारोपण और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करने के प्रोजेक्ट पर प्राथमिकता से काम शुरू किया जाएगा। सनातन संस्कृति पर आधारित यह शहर प्राचीन सभ्यता, विरासत और परंपरा पर आधारित यह शहर आधुनिक समावेशी सुविधाओं के साथ सामंजस्य में विकसित होगा।

रामजन्मभूमि सिटी प्लान :

सीएम आदित्यनाथ ने शहर में यूटिलिटी पासेज बनाने का आदेश दिया है ताकि बार-बार अंडरग्राउंड केबल और पाइपलाइन के लिए सड़कों को न खोदना पड़े। उन्होंने यह भी आदेशित किया है कि शहर में हेरिटेज लाइटिंग की जाए। साथ ही पंच कोसी, चौदह कोसी और चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग का विकास उनके धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए किया जाए। पर्यटन विभाग को ऐतिहासिक और धार्मिक स्थानों की पहचान करने और उनका विकास करने के लिए भी आदेशित किया जा चुका है।

सीएम आदित्यनाथ द्वारा अधिकारियों को यह कहा गया है कि राम मंदिर रोड के चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण करने से पहले दुकानदारों और स्थानीय निवासियों की अनुमति ली जाए और उनके लिए उचित प्रबंध किया जाए। अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय के विषय में सीएम योगी आदित्यनाथ का मानना है कि संग्रहालय इस प्रकार बनाया जाना चाहिए कि उसमें आधुनिकता के साथ ऐतिहासिक गर्व का संयोजन हो। साथ उन्होंने गेस्ट हाउस और विभिन्न अन्य संस्थानों के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण का भी आदेश दिया है। इसके अलावा सरयू नदी और उसके घाटों के सौंदर्यीकरण की योजना पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

श्रीराम मंदिर की नींव का कार्य अक्टूबर तक में होगा पूर्ण :

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यह घोषणा की है कि राम मंदिर के निर्माण के लिए पत्थरों को जोड़ने का कार्य इसी साल दिसंबर से शुरू हो जाएगा। हाल ही में प्राप्त सूचनाओं के आधार पर मंदिर की 50 फुट गहरी, 400 फुट लंबी और 300 फुट चौड़ी नींव की भराई का कार्य चल रहा है जो कि इस साल अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण का निर्माण कार्य शुरू होगा जिसमें मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों को आपस में जोड़ने का कार्य शामिल है।

राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने कहा कि दिसंबर में मंदिर के आधार निर्माण का कार्य शुरू होगा। जिसके लिए मिर्जापुर के गुलाबी पत्थरों का ऑर्डर दे दिया गया है और उन्हें तराशने का काम भी जल्दी ही शुरू कर दिया जाएगा।

https://hindi.opindia.com/national/plan-to-develop-ayodhya-as-religious-vedic-and-solar-powered-city/

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