Monday, 26 November 2018

अयोध्या रामजन्मभूमि ! २ लाख की भीड, संत जुटे, १९९२ के बाद अयोध्या में पहली बार ऐसा

अयोध्या : राम मंदिर के लिए विश्व हिंदू परिषद (विहिंप) की धर्मसभा और शिवसेना के मेगा शो से एक दिन पहले अयोध्या किले में तब्दील है। पुलिस-प्रशासन मुस्तैद है और अयोध्यावासी थोड़ा आशंकित ! दावा है कि रविवार को अयोध्या में करीब दो लाख लोग जुटेंगे। इसमें १ लाख आरएसएस, १ लाख विहिंप और करीब ५ हजार शिवसेना के कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। १९९२ में बाबरी ढांचे को ढहाए जाने के बाद अयोध्या में यह सबसे बड़ा जमावड़ा माना जा रहा है। बता दें कि मुंबई से शिवसैनिक दो दिन पहले से अयोध्या का रुख कर चुके थे, जबकि पार्टी चीफ उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे चार्टर्ड विमानों से आज दोपहर अयोध्या पहुंचेंगे।

धारा १४४ के घेरे में अयोध्या

अयोध्या में इतनी बड़ी तादाद में इस मूवमेंट के मद्देजर पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। अर्द्धसैनिक बलों के जवान, राज्य का खुफिया विभाग और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शुक्रवार से ही शहर में मौजूद हैं। शहर को आठ जोनों और १६ सेक्टर्स में बांटा गया है। शहर में पीएसी की २० कंपनियां, अर्द्धसैनिक बल की सात और रैपिड ऐक्शन फोर्स की दो कंपनियों को तैनात किया गया है। अल्पसंख्यक परिवारों में असुरक्षा की खबरों के बीच पूरे अयोध्या में धारा १४४ लगा दी गई है। राज्य सरकार की ओर से लखनऊ जोन के एडीजी आशुतोष पांडेय और झांसी रेंज के आईजी एसएस बघेल को सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए भेजा गया है।

आरएसएस के एक लाख कार्यकर्ता पहुंचेंगे अयोध्या

आरएसएस के एक वरिष्ठ प्रचारक ने वाराणसी ने कहा, ‘करीब १,३२२ बसों और १,५४६ फोर वीलर्स में ८० हजार वर्करों को लाया जाएगा। १४ हजार वर्कर मोटरसाइकल और करीब १५ हजार वर्कर ट्रेन के जरिए अयोध्या पहुंचेंगे !’ सूत्रों का कहना है कि इन दोनों संगठनों में से करीब एक लाख आरएसएस और इतने ही विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ता रविवार को अयोध्या में जुटनेवाले हैं। इनके अलावा बड़ी संख्या में साधु-संत भी यहां जुटेंगे। विश्व हिंदू परिषद के आयोजकों का कहना है कि वे रविवार के आयोजन के लिए फूड पैकेट्स तैयार कर रहे हैं। इस आयोजन में बड़ी संख्या में जुटकर मेगा-शो से २०१९ लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की बीजेपी सरकार पर अध्यादेश लाकर राम मंदिर निर्माण का दबाव डालने की तैयारी है।

शिवसेना भी दिखाएगी ताकत

शिवसेना भी इस मेगा शो में अपना ताकत प्रदर्शन करनेवाली है। ठाणे से पांच ट्रेनों से करीब ३-४ हजार कार्यकर्ता अयोध्या पहुंच रहे हैं। अयोध्या शिवसेना के भगवे झंडे से पट गया है। दो दिन के इस कार्यक्रम में पार्टी के २२ सांसद और ६२ विधायकों के भी यहां पहुंचने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम के लिए पार्टी ने एक महीने पहले ही अयोध्या और उसके आसपास को होटलों को बुक कर लिया था।

३००० मुस्लिम भी पहुंचेंगे

शहर में अल्पसंख्यक समुदाय के डरे होने की खबरों के बीच धारा १४४ लागू कर दी गई है। धर्मसभा में मुस्लिम भी पहुंचेंगे, जिसका जिम्मा संघ ने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच को सौंपा है। मंच से जुड़े और सुन्नी सोशल फोरम के संयोजक रईस खान कहते हैं कि हमारे पास करीब ३००० लोगों की सूची है, जो धर्मसभा में शामिल होंगे। राम हमारे नबी हैं। हम बसों से लोगों को ले जा रहे हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं।

सुरक्षा को प्रशासन मुस्तैद

कमिश्नर डीएम डीआईजी व सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में हर हाल में लॉ ऐंड ऑर्डर को बनाए रखने की रणनीति बनी है। प्रभारी एसएसपी संजय कुमार ने बताया कि राम जन्म भूमि परिसर के चारों तरफ त्रिस्तरीय बैरीकेडिंग करवाई गई है। इसके चारों तरफ विडियो कैमरे सीसी कैमरे, ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है। ४७ कंपनी पीएसी व सिविल पुलिस अयोध्या में तैनात कर दी गई है। पूरी सख्ती के साथ चेकिंग अभियान भी चल रहा है।

पहले मंदिर फिर सरकार के पोस्टर

अयोध्या व फैजाबाद नगरों में शिवसेना के ‘पहले मंदिर फिर सरकार’ का स्लोगन लिखे करीब १५० बड़ी छोटी होर्डिंग व पोस्टर कटआउट लग गए हैं। पोस्टरों में लिखे स्लोगनों को देखकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। वहीं, धर्म सभा को लेकर विहिंप व संघ परिवार तैयारी पूरी करने में जुटा है। १३ से ज्यादा पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। सुरक्षा, भोजन, यातायात व आवास समितियों के प्रभारियों का कहना है धर्मसभा की व्यवस्था अब अंतिम चरण में है।

रामलला के दर्शन पर कोई रोक नहीं

डीएम डॉ. अनिल कुमार पाठक के मुताबिक दर्शन पर किसी तरह से रोक नहीं है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर सीमित संख्या में लोगों को विवादित परिसर में विराजमान रामलला के दर्शन करने के लिए भेजा जाएगा। वहीं कमिश्नर मनोज मिश्र ने लॉ ऐंड ऑर्डर बनाए रखने के साथ ही सख्त व मजबूत व्यवस्था भी बनाए रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। अयोध्या में २३ नवम्बर से लेकर २५ नवम्बर तक सुरक्षा को लेकर छावनी जैसी व्यवस्था बनाई गई है।
स्त्रोत : नवभारत टाईम्स

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